पीएम किसान योजना 21वीं किस्त का इंतजार खत्म, शुरू हुई नई प्रक्रिया ऐसे करें आवेदन PM Kisan 21th Installment Update

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PM Kisan 21th Installment Update: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो किसान योजना का लाभ लेना चाहते हैं उन्हें समय पर पंजीकरण कराना होगा और जरूरी कागजात पूरे करने होंगे। सरकार की ओर से साफ कहा गया है कि केवल वही किसान 21वीं किस्त का पैसा पाएंगे जिन्होंने रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी सही समय पर पूरी की है। इसलिए अगर आप इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो तुरंत ऑनलाइन जाकर पूरी प्रक्रिया पूरी करें ताकि अगली किस्त से वंचित न रह जाएं।

क्या बदला है इस बार

इस बार सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना पंजीकरण और बिना किसान पहचान पत्र के कोई भी किसान लाभ नहीं ले पाएगा। साथ ही सभी किसानों को ई-केवाईसी कराना जरूरी कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का लाभ केवल सही किसानों तक पहुंचे।

पंजीकरण की प्रक्रिया

जो किसान पहली बार जुड़ना चाहते हैं उन्हें पीएम किसान की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा। यहां आधार संख्या डालनी होगी और उसके बाद पूरी जानकारी जैसे नाम, पता, बैंक खाता और जमीन का विवरण भरना होगा। मोबाइल पर आए ओटीपी को डालने के बाद कागज अपलोड कर फॉर्म जमा करना होगा। इसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

ई-केवाईसी क्यों जरूरी है

ई-केवाईसी कराने का मतलब है कि किसान की पहचान और उसकी जानकारी पूरी तरह सही हो। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि गलत लोग योजना का लाभ न उठा पाएं। किसान चाहे तो यह प्रक्रिया खुद ऑनलाइन कर सकता है या फिर नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर भी करा सकता है।

किस्त कब आएगी

पिछली किस्त अगस्त महीने में दी गई थी। योजना के अनुसार हर चार महीने में किस्त दी जाती है। इस हिसाब से अगली यानी 21वीं किस्त अक्टूबर या फिर नवंबर-दिसंबर तक आने की संभावना है।

किन कागजों की जरूरत होगी

पंजीकरण और ई-केवाईसी के लिए किसान को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन से जुड़े कागज, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो देना जरूरी है। अगर इनमें से कोई कागज अधूरा है तो आवेदन मान्य नहीं होगा।

योजना का लाभ कौन ले सकता है

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास खेती योग्य जमीन है। परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए और न ही परिवार का कोई सदस्य आयकर देने वाला होना चाहिए।